अधिकार के प्रति सचेत रहे...

अधिकार के प्रति सचेत रहे...

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के 2013 के चुनाव में समाज बंधुओं ने अपने अधिकार एवं मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्य पदों पर विजय दिलाई। इससे सारे भारतवर्ष में माहेश्वरी समाज में नई चेतना एवं जागृति का उदय होगा ऐसी संभावना है।
हम समाज बंधु सामाजिक उत्थान के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में तन-मन-धन से सेवा सौहार्द के कार्यों से जुडते हैं और सामाजिक लोगों को जोडने की कोशिश करते हैं तो क्या ऐसे उन्नतिशील समाज की सर्वोच्च संस्था के सर्वोच्च पदों पर आसीन लोगों को अपनी मनमानी करते रहना चाहिए। समाज के प्रति एक लगन कि हमारे समाज का विकास हो, इनसे इन पदलोलुप व्यक्तियों को लगता है कोई मतलब नहीं रहा। वे सिर्फ पद हथियाने एवं समाज को भ्रमित करने में लगे रहते हैं। अपनी सोची-समझी रणनीतियों के द्वारा इस चुनाव में पदेन लोगों ने क्या-क्या चेष्टाएं नहीं की। बीकानेर के मतदाता किसनकुमार दम्मानी (अध्यक्ष- माहेश्वरी सभा, बीकानेर शहर) की प्रबल इच्छा थी कि पुनः माहेश्वरी समाज की सत्ता पर वो लोग काबिज न हो जाए जो समाज की कुर्सी पर बैठकर अपनी हुकुमत चला सके। श्री दम्माणी ने समाज बंधुओं के सामने अपना पक्ष रखा। माहेश्वरी समाज के चुनाव में मतदाता ने वोट की मोहर से हाथोंहाथ फैसला सुना दिया। नई टीम को उनका उद्देश्य मिल चुका है। समाज बंधुओं से निवेदन है कि अपनी दृष्टि चयनित पदाधिकारियों पर अपनी नजर रखें और उनसे समाज हित-चिंतन के कार्यक्रमों में जागरूकता प्रदान करने का आव्हान करें ताकि नेताओं से मिलना, माइक, मंच और माला के मोहजाल में फंस कर न रहें। उन्हें सचेत करते रहेंगे। यही हमारा उद्देश्य है ताकि वे समाज सेवा का उद्देश्य लेकर विकास के रास्ते आगे बढे और सुदृढ होकर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जा सके। सेवा-त्याग, सदाचार के भावों के साथ जीने वाला हमारा माहेश्वरी समाज निश्चित ही उन्नति के नए शिखर देखेगा। ऐसी ही भावना हम दिल में संजोए हैं। किशनकुमार दम्मानी (महासभा कार्यकारिणी सदस्य)

  इस ख़बर पर अपनी राय दें:
आपकी राय:
नाम:
ई-मेल:
 
   =   
 
ई-मेल रजिस्टर करें

अपनी बात
मतभेद के बीच मनभेद न आने दें...।

मतभेद के बीच मनभेद न आने दें...।