उज्जैन का प्रसिध्द द्वारकाधीश गोपाल मंदिर

उज्जैन का प्रसिध्द द्वारकाधीश गोपाल मंदिर - आशीष माहेश्वरी

उज्जैन का प्रसिध्द द्वारकाधीश गोपाल मंदिर जो नगर का दूसरा सबसे बडा मंदिर है जो शहर के मध्य व्यस्तम क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर की भव्यता बेहतरीन तरीके से, बने मकान और दुकानों के कारण दब सी गई है।

कहा जाता है कि गोपाल मंदिर का निर्माण दौलतराव सिंधिया की धर्मपत्नी वायजा बाई ने सन् 1901 में कराया था, जिसकी मूर्ति की स्थापना सन् 1902 में की गई थी। इस मान से ईस्वी सन् 1844 में निर्माण 1852 में मूर्ति की स्थापना हुई। बताया जाता है कि कम से कम 200 वर्ष पुराना यह मंदिर जिसमें भगवान द्वारकाधीश, शंकर पार्वती और गरूढ भगवान की मूर्तियां हैं। यह मूर्तियां अचल है तथा एक कोने में वायजा बाई की भी मूर्ति है।

मंदिर के चाँदी के द्वार यहां का आकर्षण का केन्द्र है। मंदिर के विशाल स्तम्भ और सुंदर नक्काशी देखने लायक है। मंदिर के अन्दर घुसते ही गहन शांति महसूस होती है। आसपास विशा
ल प्रांगण में सिंहस्थ व अन्य पर्वों के अवसर पर बाहर से आने वाले श्रध्दालु यहां विश्राम करते हैं। ट्रस्ट की ओर से श्रध्दालुओं व तीर्थयात्रियों के लिए कई तरह की सुविधाएं प्रदान की जाती है। जन्माअष्टमी के अलावा हरिहर का पर्व बत्रडी धूम से मनाया जाता है। जब भगवान महांकाल की सवारी आती है तब यहां हरिहर मिलन अर्थात विष्णु और शिव का मिलन होता है, जहां उस वक्त डेढ दो घंटे पूजन चलता है।

राजा विक्रमादित्य की नगरी उज्जैनीय के बाद अवंतिका नगरी के नाम के पश्चात
'उज्जैन' नाम से जानी जाने लगी है। राजा विक्रमादित्य जो भगवान महांकाल के अधिष्ठ देवता थे। वैसे तो उज्जैन के कई मंदिर प्रसिध्द हैं, तीर्थ क्षेत्रों में उज्जैन को महत्वपूर्ण स्थान मिला है, जहां देशभर में लगने वाले कुम्भ में उज्जैन का कुम्भ भी महत्वपूर्ण माना गया है। उज्जैन में महांकालेश्वर का मंदिर देश-विदेश में प्रसिध्द है, श्रावण मास में भगवान महांकालेश्वर की सवारी जो नग
र में निकलती है तो उज्जैन के प्रसिध्द मंदिर द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पर ठहरकर महांकाल बाबा की पूजा सिंधिया परिवार द्वारा की जाती है। यह क्रम सालों से ऐसा होता आया है, जहां सिंधिया परिवार एक दिन के लिए यहां आकर भगवान महांकाल की पूजा करने के पश्चात रात को यहां नहीं रूकते और उज्जैन छोत्रडकर जाना होता है।

उज्जैन से इन्दौर की दूरी लगभग
60 कि.मी. है, जहां बस व वाहनों के अलावा रेल यातायात भी उपलब्ध है। उज्जैन रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेलवे स्टेशन से जुत्रडा है। बडी ला
इन द्वारा उज्जैन से चैन्नई, बैंग्लौ, जयपुर, मुंबई, दिल्ली आदि कई राज्यों से रेलमार्ग जुडा है।
 

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